आजीविका की व्यवस्था बढ़ने से आय के स्रोत होंगे सृजित, बदलेगी लोगों की दशा : आयुक्त

LIVE PALAMU NEWS
लाइव पलामू न्यूज: प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी एवं सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी-सह-जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ श्री राजीव कुमार पलामू के चैनपुर एवं नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड में जेएसएलपीएस द्वारा किये जा रहे आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया। चैनपुर के बसरिया पंचायत के सोकरा गांव में सखी मंडल की दीदियों से मिले और उनके द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। दीदियों ने बताया कि उनके द्वारा महिलाओं को संगठित कर बकरी पालन, मुर्गी पालन की जा रही है। साथ ही लेमन ग्रास की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है।
आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने सखी मंडल की दीदियों को प्रोत्साहित किया और उनके कार्यों एवं उनके आत्मविश्वास को सराहा। आयुक्त ने सखी मंडल की दीदियों को आजीविका संवर्धन हेतु दाल मिल की स्थापना करने हेतु पहल करने का निर्देश जेएसएलपीएस के डीपीएम को दिया। साथ ही मुनगा की खेती को बढ़ावा देने, लेमन ग्रास का तेल उत्पादन हेतु एक्सट्रक्शन प्लांट स्थापित करने को लेकर डीपीएम जेएसएलपीएस को निर्देशित किया। वहीं सखी मंडल की दीदियों को बकरी पालन को बढ़ावा देने हेतु बकरा बदलने की सलाह दी, ताकि ब्रिड इंप्रूवमेंट हो सके और दीदियों को बकरी पालन का अधिक मुनाफा मिल सके।
आयुक्त ने कहा कि आजीविका की व्यवस्था को तेज किए जाने से आय के स्रोत श्रृजित होंगे और लोगों का आय बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जोहार परियोजना के तहत कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसे और बढ़ाने की जरूरत है, ताकि लोगों का आय बढ़े और उनकी दशा बदले। जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ राजीव कुमार ने सखी मंडल के कार्यों एवं उनके गतिविधियों को और बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने दीदियों को अपने जमीन के नीचले भाग जहां खुदाई करने पर जल्द पानी मिलता है, वैसे स्थानों को चिन्हित कर कुंआ एवं बोरिंग कर खेतों की सिंचाई करने की सलाह दी। उन्होंने बकरी पालन को बढ़ावा देने एवं उनके तकनीकी संवर्धन हेतु दूसरे जिलों का भ्रमण कराने की भी बातें कहीं।
आयुक्त एवं जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ ने सोकरा ग्राम की तीन सखी मंडल को डेढ़ लाख रुपए की सामुदायिक निवेश निधि की राशि भी प्रदान की। निरीक्षण कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के डीपीएम विमलेश शुक्ला, प्रखंड विकास पदाधिकारी गिरीवर मिंज, चैनपुर बीपीएम सत्यप्रीत तिवारी, डीपीओ शेखर कुमार, बीपीओ राजीव रंजन, बीपीआरओ मनु तिवारी सहित जेएसएलपीएस के अन्य कर्मी, सखी मंडल की दीदी तथा उत्पादक समूह एवं ग्राम संगठन की महिलाएं उपस्थित थे।
SATYA NURSING HOME
SATYA NURSING HOME
कोयल आजीविका एपैरल पार्क एवं सैनेटरी नैपकिन उत्पादक ईकाई का किया अवलोकन
आयुक्त एवं जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ ने चैनपुर के कोयल आजीविका एपैरल पार्क एवं सैनेटरी नैपकिन उत्पादक ईकाई का अवलोकन किया। यहां सखी मंडल की दीदियों द्वारा की जा रही सिलाई कार्यों एवं औद्योगिक सिलाई मशीन, कटर मशीन, इम्ब्रॉइडरी मशीन का अवलोकन किया। आयुक्त ने सिलाई कर रही महिलाओं का हौसला बढ़ाया तथा उत्पादन को और बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कपड़ों की कीमत कम और गुणवत्ता अधिक रखने से महिलाओं द्वारा निर्मित इन उत्पादों की अत्यधिक बिक्री होगी, जिसका मुनाफा सखी मंडल की दीदियों को मिलेगा। पूर्व सीईओ राजीव कुमार ने अत्याधुनिक मशीन द्वारा सिलाई हेतु सखी मंडल की दीदियों को शिफ्ट में कार्य देने की सलाह दी, ताकि अधिक-से- अधिक दीदियों को रोजगार सृजन हो सके और उत्पादन भी अधिक हो सके।
RAKESH MEMORIAL HOSPITAL
RAKESH MEMORIAL HOSPITAL
आयुक्त एवं पूर्व सीईओ ने सखी मंडल की इन दीदियों को रांची स्थित औद्योगिक वस्त्र उत्पादन केन्द्र का भ्रमण कराने का निदेश जेएसएलपीएस के डीपीएम को दिया। आयुक्त ने कहा कि कोयल एपैरल पार्क से अन्य प्रखंडों को जोड़कर इसकी उत्पादों को बढ़ाने का काम करें। आयुक्त एवं पूर्व सीईओ ने चैनपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में सैनेटरी नैपकिन उत्पादक ईकाई का भी अवलोकन किया। आयुक्त ने कहा कि सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता प्रत्येक दवा दुकानों में कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने डीपीएम जेएसएलपीएस को निर्देशित किया कि दवा दुकानदार एवं दवा की व्यवसायियों से संपर्क स्थापित कर प्रत्येक दवा दुकान में पलाश सखी नैपकिन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करायें।
उन्होंने कहा कि दवा दुकानों में पलाश सखी सैनेटरी नैपकिन की उपलब्धता से सखी मंडल के दीदियों को लाभ मिलेगा। आयुक्त ने कपड़े का भी सैनेटरी नैपकिन बनाने की सलाह दी और कम कीमत पर महिलाओं को उपलब्ध कराने का निदेश दिया, ताकि कम आयवर्ग की महिलाएं भी आसानी से इसका प्रयोग कर सकें। आयुक्त ने सखी मंडल की दीदियों की प्रशिक्षण के लिए जयपुर की एक संस्था को बुलाने की बातें कहीं, ताकि महिलाएं और बेहतर तरीके से इसका उत्पादन कर सकें।

नीलांबर-पीतांबरपुर में अगरबत्ती एवं साबुन निर्माण कार्यो को देखा
आयुक्त एवं जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ राजीव कुमार ने नीलांबर-पीतांबरपुर के पुराने प्रखंड कार्यालय स्थित अगरबत्ती उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया। यहां महिला समूह द्वारा अगरबत्ती का निर्माण किया जाता है। आयुक्त एवं जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ ने महिला उत्पादक समूह द्वारा निर्मित अगरबत्ती को पूजा-पाठ वाले दुकानों में उपलब्ध कराते हुए बिक्री सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। आयुक्त ने पूजा भंडार के दुकानदारों के साथ बैठक आयोजित कर अगरबत्ती को बाजार उपलब्ध कराने का निदेश दिया। साथ ही दूसरे ब्रांड की अगरबत्ती एवं यहां उत्पादित पलाश ब्रांड की अगरबत्ती की तुलनात्मक जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महिला समूह द्वारा निर्मित इन अगरबत्ती को अच्छी बाजार मिलनी चाहिए।
पलाश ब्रांड की तीन तरह की साबुन
आयुक्त एवं पूर्व सीईओ ने नीलांबर-पीतांबरपुर के पंचायत भवन में साबुन उत्पादन केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां पलाश ब्रांड के अलग-अलग खुशबू में तीन तरह की साबुन निर्मित की जा रही है। आयुक्त ने पलाश ब्रांड के इन साबुनों को बाजार में व्यापक रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं पूर्व सीईओ ने पलाश ब्रांड के उत्पाद साबुन के लिए दूसरे जिलों एवं शहरों में सीएनएफ देकर साबुन की बिक्री बढ़ाने की सलाह दी।
लाह उत्पादन की अच्छी संभावना, कुंदरी लाह बगान के सभी पौधों को करें कवर
आयुक्त एवं जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ नीलांबर-पीतांबरपुर स्थित कुंदरी लाह बगान का भी निरीक्षण किया। सखी मंडल की लाह उत्पादन-सह-प्रबंधन समिति के साथ बैठक की और पलाश के पौधों पर चढ़ाये गये लाह की बीज का अवलोकन किया। आयुक्त ने यहां के पलाश एवं कुसुम के सभी पेड़ों पर लाह की खेती करने का निर्देश दिया। साथ ही लाह बागान के बाहरी पौधों को भी लाह चढ़ाकर कवर करने की सलाह दी। जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ ने कहा कि कुंदरी लाह बागान पलामू की शान है। यहां अधिक-से- अधिक लाह की उत्पादन किए जाएं। लाह की खेती में लगे व्यक्तियों को प्रशिक्षण या अन्य कोई सहयोग की आवश्यकता होने पर सहयोग की जाएगी।
आयुक्त ने कहा कि पलामू में लाह उत्पादन की अच्छी संभावना है। कुंदरी में पूर्व में भी इसके लिए प्रयास हुए हैं। कुंदरी लाह उत्पादन के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां चरणबद्ध तरीके से लाह उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि यह लाह उत्पादन का हब के रूप में जाना जाए और यहां से दूसरे जगह के लोग भी लाह की खरीदारी कर सकें। उन्होंने कहा कि पलाश के फूल से जैविक गुलाल बनाने का भी कार्य किया जाएगा। इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है। इसपर काम हो रहा है। गुलाल का व्यवसायिक उत्पादन कर होली में लोगों के बीच उपलब्ध कराया जाएगा।
नीलांबर-पीतांबरपुर में निरीक्षण-सह- भ्रमण कार्यक्रम में आयुक्त श्री जटाशंकर चौधरी, जेएसएलपीएस के पूर्व सीईओ राजीव कुमार के अलावा वन विभाग के रेंजर जीके हाजरा, जेएसएलपीएस के डीपीएम विमलेश शुक्ला, प्रखंड विकास पदाधिकारी निखिल कच्छप, बीपीएम शिव कुमार उपाध्याय, स्कील जॉब के जिला प्रबंधक नवल किशोर राजू, इंटरप्राइज प्रमोशन के जिला प्रबंधक नागेश्वर कुमार, बीपीओ सुनील कुमार, नवनीत कुमार पांडेय मनीषा कुमारी, सीसी अनीश कुमार एवं अंकित कुमार आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!