आज है महिला जागृति सहयोग समिति की संस्थापिका सरोज देवी की सातवीं पुण्यतिथि, जानिए उनके बारे में

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लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: दिवगंत समाज सेविका व महिला जागृति सहयोग समिति की संस्थापक सरोज देवी की आज सातवीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था व परिवार के लोगों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी ।


कौन है सरोज देवी:-

सरोज देवी का जन्म1959 में अनन्त चतुर्दशी के दिन हुआ था। बचपन से ही उनमें समाज सेवा की भावना थी, वे अपने स्वयं कष्ट में रहकर भी दूसरों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहीं। सन 1990 में वह अपने पति बीरेंद्र सिन्हा के साथ पलामू आई और इसे अपना कर्मक्षेत्र बना लिया। उनके समाज सेवा के जज्बे को देखते हुए परिवार ने भी उन्हें सहयोग किया। शुरूआती दिनों में उन्होंने पलामू के ही चैनपुर थाने में अपनी एक छोटी सी होमियोपैथ की डिस्पेंरी खोली और दूर -दराज के गाँव से आने वाले लोगों का मुफ्त में इलाज किया। साल 1996 में उन्होंने महिला जागृति सहयोग समिति नामक संस्था की स्थापना की। इतना ही नहीं उन्होंने पलामू मे सर्वप्रथम स्ट्रीट चाइल्ड के लिए नि:शुल्क विद्यालय डालटनगंज, सुआ ,कुंदेलवा, सिंगरा समेत कई दूर दराज के कई गाँवों में खोला और गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का कार्य पूरी कर्तव्य निष्ठा से की पलामू के सैकड़ों गावों की महिलाओं को जागरूक किया तथा उनकी स्वास्थ्य शिक्षा एवं रोजगार की व्यवस्था कर उन्हें स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया।

सरोज देवी ने बिना किसी स्वार्थ के लोगों की निरंतर सेवा की इस दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंधेरे में लौ की तरह चमकते हुए लोगों तक अपनी बात पहुंचाई और उनके आगे बढ़ने में काफी मदद की इस दौरान उन्होंने कई मुफ्त स्वास्थ्य कैम्प भी लगाए, जिसमें शहर के कई प्रतिष्ठित चिकित्स्कों ने भी आगे बढ़कर उनकी मदद की डॉक्टर एनसी अग्रवाल, जॉन ऑफ कैनेडी समेत कई लोगों ने सरोज देवी की कर्तव्यनिष्ठता और ईमानदारी से प्रेरित हुए और उनके दवारा किये जाने वाले सामजिक कार्यों में अपनी सहभागिता निभाई। वहीं उस दौर में पलामू के विधान सभा अध्यक्ष इन्दर सिंह नामधारी,चेयरमैन सुरेंद्र सिंह सहित पलामू की कई बड़ी हस्तियों को सरोज देवी द्वारा किये गए कार्यों की जानकारी मिली और लोग उनसे मिलकर उनकी प्रशंसा करने लगें।

सरोज देवी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार सहित समेत कई सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर भी कार्य किया। सरोज देवी बहुत सी गरीब महिलाओं की आवाज बनी और उनके हक़ के लिए लड़ीं।सरोज देवी ने बहुत से सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता निभाई और समाज की भलाई के लिए कार्य करती रहीं। लेकिन कभी भी किसी ने उन्हें सम्मानित नहीं किया और न सरोज देवी ने इसका लालच रखा। सादा जीवन उच्च विचार की वह जीती जागती प्रतिमूर्ति थी, जिनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पलामू में हर कोई देने लगा । 8 सितंबर 2015को सरोज देवी का निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रही थी। लेकिन जीवन के अंतिम दिनों में भी वह अपनी हर सांस को समाज की भलाई के लिए किये गए कार्यों के लिए समर्पित कर देना चाहती थी। आज सरोज देवी नहीं है लेकिन उनसे शिक्षा लेकर उनके सहयोग से पलामू की कई महिलाएं व बच्चे आज आत्मनिर्भर है और प्रतिष्ठित पदों पर आसीन है।

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