सेनेटरी नैपकिन मेकिंग यूनिट में 55 हजार पीस पड़ा है सेनेटरी पैड, सखी नाम से बनाए जाने वाले पैड के नहीं मिल रहे हैं उपभोक्ता

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लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर (शिवेंद्र कुमार) : जिला प्रशासन, जेएसएलपीएस व तेजस्विनी योजना की ओर से चैनपुर व हुसैनाबाद में सेनेटरी नैपकिन मेकिंग यूनिट लगाया गया है। इन दोनों जगहों पर 55 हजार पीस से ज्यादा सेनेटरी नैपकिन पैड के उपभोक्ता नहीं मिल पा रहे हैं। यहां पर स्वयं सहायता से जुड़ी महिलाएं काम करती है। बनाए गए पैड का मेहनताना भी नहीं मिल पा रहा है। जबकि इस पैड की कीमत बाजार में मिल रहे पैड से कई गुना कम है। फिर भी महिलाओं के द्वारा बनाए जा रहा पैड बाजार तक नहीं पहुंच पा रहा है। जबकि इन दो जगह पर स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग यूनिट में दर्जन भर महिला कार्यरत है। पैड बाजार में नहीं बिकने से इन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।


55 हजार पीस है स्टॉक में


इन दो जगहों पर स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग यूनिट के चैनपुर प्रखंड स्थित इस यूनिट में 25 हजार पीस से ऊपर नैपकिन पैड व हुसैनाबाद यूनिट में 29818 पीस पड़ा हुआ है। यहां पर काम करने वाली महिलाओं को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है।


किस किस जगह पर है यूनिट स्थापित


जिले के चैनपुर व हुसैनाबाद में सैनिटरी नैपकिन मेकिंग यूनिट स्थापित किया गया है। जबकि इन दोनों जगहों पर दर्जनों महिलाएं काम कर रही हैं। इस यूनिट पर बनने वाले पैड की कीमत मात्र 3 रुपये पीस है। 6 पैड वाले पैक मात्र 18 रुपये में दिया जाता है। इन महिलाओं को एक पीस बनाने पर सिर्फ एक रुपया मिलता है।


कैसे बिक सकता है सेनेटरी नैपकिन पैड


समाजसेवी व मार्केट विशेषज्ञ से बात करने पर उनलोगों के द्वारा बताया गया की जहां बाजार में मिलने वाले सेनेटरी पैड की ज्यादा कीमत होने के बावजूद भी वह धड़ल्ले से बिकता है। परंतु यहां कम कीमत होने के बावजूद भी नहीं बिकने का एक मुख्य कारण है कि बाजार में बिकने वाले पैड का बड़े-बड़े टीवी व अखबार में इसका प्रचार प्रसार किया जाता है। जिस कारण से लोग उसको खरीदने पर मजबूर हो जाते हैं। जबकि इसके बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी है। इसके लिए आम लोगों को भी इस बारे में जागरूक करना होगा। साथ ही साथ लोगों का सुझाव है कि इसे राशन दुकान पर भी सरकार यदि देती है। तो जो लोग राशन खरीदने आएंगे। वे आसानी से इसे भी खरीद सकते हैं। साथ ही साथ उन्हें कोई हिचक भी नहीं होगी।


क्या कहना है जिला समन्वयक का


तेजस्विनी परियोजना के जिला समन्वयक गनौरी विश्वकर्मा ने बताया कि इसके लिए एसएचजी ग्रुप व तेजस्विनी क्लब से जुड़ी महिलाएं के साथ साथ कस्तूरबा गांधी में पढ़ रही बच्चियों से अप्रोच किया जा रहा है। जेल के अंदर जो महिला कैदी वार्ड है। वहां पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका व सहायिका से भी संपर्क किया जा रहा है। ताकि बने हुए पैड की जल्द से जल्द बिक्री हो सके।

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