रुक्का प्लांट मामले में तत्कालीन अभियंता श्वेताभ कुमार दोषी करार

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लाइव पलामू न्यूज/रांची: पेयजल और स्वच्छता विभाग के पूर्व अभियंता प्रमुख श्वेताभ कुमार को रूक्का प्लांट मामले में दोषी करार दिया गया है। जिसके बाद उनके पेंशन की राशि से 10% की कटौती 2 वर्षों तक कर नुकसान की भरपाई की जाएगी। दरअसल रुक्का प्लांट के भीतर राइजिंग पाइल लाइन चैनल निर्माण के एक वर्ष बाद ही क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसकी जांच विभाग के विशेष सचिव की ओर से 21.4.2016 को की गई थी। इस रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि निर्माण कार्य में अनुपयुक्त तकनीकी डिजाइन एवं निर्माण की तकनीकी स्वीकृति (टेक्निकल एप्रूवल) दी गई थी। जिसके बाद टीम ने निर्माण कार्य करानेवाले एवं इसकी मॉनिटरिंग करनेवाले कर्मियों को इसके लिए ने दोषी माना। सरकार के संयुक्त सचिव की ओर से जारी आदेश के बाद खर्च हुई सरकारी राशि की वसूली को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया। विभाग की तरफ से जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आरोपी पदाधिकारी और संवेदक (ठेकेदार) से स्पष्टीकरण की मांग की गयी।

क्षेत्रीय मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में गठित समीक्षा समिति ने इसकी रिपोर्ट 9 फरवरी 2022 को विभाग को सौंपी। जांच समिति की रिपोर्ट में राइजिंग प्लांट के दीवार की डिजाइन में समिति द्वारा कई त्रुटिंयां होने की बात बताई गई। यह भी बताया गया कि डिजाइन का एप्रूवल तकनीकी स्वीकृति तत्कालीन अधीक्षण अभियंता श्वेताभ कुमार ने दी थी। अब वे अपने पद से रिटायर हो चुके हैं। जिसके बाद विभाग ने जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर 15 मार्च 2022पेंशन नियमावली के नियम 139 के तहत श्वेताभ कुमार को दोषी पाते हुए कार्रवाई करने का निर्णय लेते हुए सरकारी खर्च से संबंधित राशि की वसूली करने का फैसला किया। जिसके लिए उनके पेंशन से 10 प्रतिशत राशि की कटौती दो साल तक करने का दंड अधिरोपित किया गया।

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