वर्ष की पहली गुप्त नवरात्रि शुरु हो रही इस दिन से…..

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लाइव पलामू न्यूज: अगर आपसे पूछा जाए कि वर्ष में कितनी नवरात्रि होती है ?? तो आपमें से ज्यादातर लोग यही कहेंगे दो। शारदीय नवरात्र, चैत्र नवरात्र। लेकिन सही जवाब है 4 , जी हां एक वर्ष में 4 नवरात्र होते हैं। 2 तो शारदीय व चैत्रीय वहीं दो और नवरात्रि होती हैं जो गुप्त नवरात्रि के नाम से जानी जाती है। इन गुप्त नवरात्रियों में से एक आषाढ़ मास में और दूसरी माघ मास में मनायी जाती है। इस वर्ष की पहली गुप्त नवरात्रि 30 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक मनाई जाएगी। गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। यह समय शाक्त (महाकाली की पूजा करने वाले) एवं शैव (भगवान शिव की पूजा करने वाले) पूजने वालों के लिए विशेष होता है। तंत्र साधक इस दौरान विशेष साधनाएं करते हैं। इस बार आषाढ़ मास की गुप्त में कई विशेष योग बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है। चलिए जानते हैं इन विशेष योग के बारे में

ज्योतिषविदों के अनुसार नवरात्रि के शुरू दिन गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग के साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। इतने सारे शुभ योगों में घट स्थापना करना शुभ फल देने वाला होगा। इसके अलावा इस दिन ध्रुव योग भी सुबह 09.52 तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इन सभी योगों को शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। इस बार तिथि क्षय व अधिक न होने से गुप्त नवरात्रि पूरे 9 दिन की ही होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान तंत्र विद्या का विशेष महत्व है। इस नवरात्रि में गुप्त विद्याओं की सिद्धि के लिए विशेष साधनाएं की जाती है। इस नवरात्रि में तंत्र साधनाओं का महत्व होता है और तंत्र साधना को गुप्त रूप से ही किया जाता है। इसीलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इसमें विशेष कामनाओं की सिद्धि की जाती है। अघोर तांत्रिक आदि गुप्त नवरात्रि में महाविद्याओं को सिद्ध करने के लिए उपासना करते हैं। यह नवरात्रि मोक्ष की कामना से भी की जाती है। इस नवरात्रि में साधक बेहद कड़े नियम का पालन करते हैं। इस दौरान भगवान विष्णु शयन काल की अवधि के बीच होते हैं तब देव शक्तियां कमजोर होने लगती हैं। उस समय पृथ्वी पर रुद्र, वरुण, यम आदि का प्रकोप बढ़ने लगता है, इन विपत्तियों से बचाव के लिए गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना की जाती है। गुप्त नवरात्रि की दस देवियां हैं 1.काली,

2.तारा,

3.त्रिपुरसुंदरी,

4.भुवनेश्वरी,

5.छिन्नमस्तिका,

6.त्रिपुरभैरवी,

7.धूमावती,

8.बगलामुखी,

9.मातंगी

10.कमला

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