पलामू का लड़का पंजाब के जालंधर में गिरफ्तार, जानिए कैसे बना वह अफीम तस्कर

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लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। यह बात आपको इस रिपोर्ट से समझ में आ जाएगी। दरअसल पलामू का मिनहाज आलम, एक सीधा साधा ग्रामीण था। मेहनत मजदूरी कर अपना पेट पालने के ख्वाब देखने वाला आम इंसान। लेकिन रातों रात अमीर बनने की चाहत में मिनराज ने अपनी किस्मत को ऐसा पलटा कि अब वह मामूली इंसान न रहकर अफीम तस्कर बन गया। फिलहाल वह पंजाब पुलिस के कब्जे में है। आसान तरीके से पैसे कमा कर अमीर बनने के ख्वाब में वह दिन ब दिन अपराध के दलदल में धंसता ही चला गया। विगत दो वर्षों से वह नशा सप्लाई का काम में तल्लीन था। इस संबंध में जालंधर पुलिस ने बताया कि सब इंस्पेक्टर सुखराज सिंह के नेतृत्व में मकसूदां में भगत सिंह कालोनी के पास चेक नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।

तभी पुलिस की नजर एक युवक पर पड़ी। वह एक भारी भरकम बैग लेकर आ रहा था। चेक नाका पर पुलिस को देख वह उल्टे पांव भागने लगा। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने उसे खदेड़ कर धर दबोचा। उससे जब पंजाब आने के बारे में पूछा गया तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो बैग से काले पॉलिथिन में लपेट कर रखी गई अफीम मिली। सब इंस्पेक्टर सुखराज सिंह ने इस बात की जानकारी तुरंत एसपी परमजीत सिंह को दी। मौके पर पहुंचे एसपी के सामने अफीम को तौला गया। जिसका वजन करीब 2 किलो 600 ग्राम निकला। जिसके बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। युवक की पहचान किए जाने पर पता चला कि वह पलामू के तरहसी के जमुने गांव निवासी हुसैन मियां का पुत्र मिनराज आलम(27 वर्ष) है। पूछताछ में उसने बताया कि 10 वीं तक पढ़ाई करने के बाद वह अपने गांव के कुछ लोगों के साथ मेहनत मजदूरी करने जालंधर आया था। दो साल बाद वह झारखंड लौट गया।

जहां वह पलामू के छोटे- बड़े अफीम तस्करों के संपर्क में आया। उसके कई तस्करों के साथ गहरे ताल्लुकात हो गये। वह जालंधर अफीम की सप्लाई करने जाने लगा। उसे बतौर कमीशन मोटी रकम मिलती थी। जिससे उसका लालच बढ़ता गया। उसका ख्बाव बन गया रातों रात अमीर बनने का। इस कारण वह इस दलदल में धंसता ही चला गया। फिलहाल उससे झारखंड और जालंधर के बीच के तस्करों के पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। शुरूआती जांच में यह सामने आया है कि अफीम के सौदागरों का नेटवर्क इतना तगड़ा है कि उसे भेद पाना बहुत मुश्किल है। झारखंड से यूपी, दिल्ली, मुंबई और पंजाब में बड़े पैमाने पर अफीम, गांजा और हेरोईन की सप्लाई की जाती है। झारखंड में सबसे ज्यादा नशे का कारोबार रांची, खूंटी, टाटा, चतरा एवं पलामू में होता है। चतरा निवासी दो तस्करों का नेटवर्क तो इतना मजबूत है कि उसके आगे सारी पुलिस, जांच एजेंसियां फेल हैं। दोनों शख्स पहले दिल्ली क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने इनके पास से तकरीबन 8 करोड़ रुपयों का अफीम और हेरोइन बरामद किया था। यह स्टोरी सबक है उन युवाओं के लिए जो रातोंरात अमीर बनने के ख्वाब में गलत रास्ते को अपनाने से गुरेज नहीं करते।

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