13 अप्रैल को “ढाई आखर प्रेम का” सांस्कृतिक यात्रा पहुंचेगी मेदिनीनगर

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लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: सामाजिक सद्भाव प्रेम और भाईचारे का संदेश लेकर कबीर की वाणी ‘ढाई आखर प्रेम का’ सांस्कृतिक यात्रा 13 अप्रैल की शाम मेदिनीनगर पंहुचेगी। जहां पलामू के कलाकार, संस्कृतिकर्मी और विभिन्न जन संगठनों के लोग यात्रा का स्वागत करेंगे। भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा के पहल से राष्ट्रीय स्तर पर यह सांस्कृतिक यात्रा निकाली गयी है। जिसका आगाज़ 9 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के रायपुर से पंडित राहुल सांकृत्यायन की जयंती पर किया गया। लगातार 45 दिनों तक यह यात्रा छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश का भ्रमण करते हुए 22 मई को मध्यप्रदेश में समाप्त होगी। शनिवार को रेड़मा स्थित इप्टा कार्यालय में सांस्कृतिक यात्रा आयोजन समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।


आयोजन समिति में शामिल पंकज श्रीवास्तव, शिवशंकर प्रसाद, प्रेम प्रकाश, शब्बीर अहमद और नुदरत नवाज ने संयुक्त रुप से बताया कि ढाई आखर प्रेम का सांस्कृतिक यात्रा असल में स्वाधीनता संग्राम के गर्भ से निकले स्वतंत्रता, समता, न्याय और बंधुत्व के उन मूल्यों के तलाश की कोशिश है, जो आजकल नफरत, वर्चस्व और दंभ के तुमुलघोष में डूब-सा गया है। ढाई आखर प्रेम का संदेश लेकर यह यात्रा अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से संवैधानिक मूल्यों और आदर्शो की हिफाजत के लिए एक बेहतर दुनिया के संकल्प के साथ जन जागरण करते हुए आगे बढ़ेगी।

इप्टा के जिला सचिव रविशंकर ने बताया कि सांस्कृतिक यात्रा “ढाई आखर प्रेम का” इप्टा की एक राष्ट्रीय पहल है। जिसमें देशभर के संस्कृतिकर्मी अलग-अलग जगह पर जुड़ रहे हैं। यह यात्रा 13 अप्रैल को गढ़वा के रास्ते झारखंड की सीमा में प्रवेश करेगी और संध्या में डालटनगंज स्थित आईएमए हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। उसके बाद आगे यह यात्रा रांची, जमशेदपुर, घाटशिला, चाईबासा, रामगढ़, हजारीबाग और कोडरमा होते हुए बिहार में प्रवेश करेगी। पलामू में सांस्कृतिक यात्रा के सहयोगी की भूमिका में इप्टा के अलावा प्रलेस, जसम, मासूम आर्ट ग्रुप, युवा जागृति केंद्र, नई संस्कृति सोसाइटी, एएआईएसएफ, आइसा, जन संग्राम मोर्चा, मिशन समृद्धि के अलावा स्थानीय कलाकार और सांस्कृतिकर्मी शामिल हैं।


जालियांवाला बाग कांड की बरसी पर लगेगी प्रदर्शनी
13 अप्रैल को जलियांवाला बाग कांड के 103 साल पूरे हो रहें है। इस मौके पर शहीदों को याद करते हुए प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा आईएमए परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ लोक शैली में नाचा थिएटर की प्रस्तुति की जाएगी। इप्टा के कलाकार जनगीत प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर पलामू के प्रसिद्ध शायर मरहुम डॉ शोएब राही की रचनाओं का हिंदी रूपांतरण “उजालों का हिसार” नामक पुस्तक का विमोचन इप्टा के राष्ट्रीय महासचिव करेंगे। 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर माल्यार्पण करते हुए यह सांस्कृतिक यात्रा आगे की ओर रवाना होगी।

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