नेवी को मिला पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर “INS विक्रांत”, जानिए इसकी खूबियां

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लाइव पलामू न्यूज: शुक्रवार को देश का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत भारतीय नेवी के जंगी बेड़े में शामिल हो गया। प्रधानमंत्री मोदी केरल के कोच्चि में आईएनएस विक्रांत की कमीशनिंग के समय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और INS विक्रांत को भारतीय नौसेना को सौंपा। पीएम मोदी ने इस सैन्य समारोह में नौसेना के नए निशान को भी जारी किया।

आईएनएस विक्रांत के निर्माण के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा छह देशों में शामिल हो गया है। जिसके पास 40 हजार टन का एयरक्राफ्ट कैरियर बनाने की क्षमता है। अभी सिर्फ पांच देशों के पास ये क्षमता थी। जिसमें अमेरिका, चीन, फ्रांस, रूस और इंग्लैंड शामिल हैं। भारतीय नौसेना के मुताबिक आईएनएस विक्रांत के भारत के जंगी बेड़े में शामिल होने के बाद देश को इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने में मदद मिलेगी।

जानिए इसकी खूबियां:-

विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर कुल 30 एयरक्राफ्ट तैनात होंगे। जिसमें 20 लड़ाकू विमान और 10 हेलीकॉप्टर होंगे। फिलहाल विक्रांत पर मिग-29 के ब्लैक पैंथर फाइटर जेट तैनात होंगे। उसके बाद डीआरडीओ और एचएएल द्वारा तैयार किया जा रहा टीईडीबीएफ भी विक्रांत पर तैनात किया जाएगा। स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत में करीब ढाई हजार किलोमीटर लंबी इलेक्ट्रिक केबिल लगी हुई है। इसके साथ ही विक्रांत में 150 किलोमीटर लंबे पाइप और 2000 वाल्व लगे हैं।

आईएनएस विक्रांत 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा है। यह 18 समुद्री मील से लेकर 7500 समुद्री मील की दूरी तय कर सकता है। जहाज में लगभग 2,200 कक्ष हैं, जिन्हें चालक दल के लगभग 1,600 सदस्यों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें महिला अधिकारियों और नाविकों को समायोजित करने के लिए विशेष केबिन शामिल हैं।गौरतलब कि आईएनएस विक्रांत भारत का पहला स्वेदेशी विमान वाहक पोत है। इसमें लगे कम्युनिकेशन सिस्टम, नेटवर्क सिस्टम, शिप डाटा नेटवर्क, गन्स, कॉम्बेट मैनेजमेंट सिस्टम इत्यादी सभी चीजें स्वदेशी है।

इसे भारतीय नौसेना के संगठन, युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (डब्ल्यूडीबी) द्वारा डिजाइन किया गया। और बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित स्वदेशी विमान वाहक ‘आईएसी विक्रांत’ का नाम उसके शानदार पूर्ववर्ती भारत के पहले विमानवाहक के ‘विक्रांत’ के नाम पर रखा गया है, जिसने 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आईएनएस विक्रांत को तैयार करने में लगभग 20 हजार करोड़ का खर्च आया है। इस एयक्राफ्ट कैरियर के भारतीय नौसेना के जंगी बेड़े में शामिल होने के बाद देश के पास दो विमान वाहक पोत हो जाएंगे। इससे पहले साल 2013 में भारत ने रूस से आईएनएस विक्रमादित्य एयरक्राफ्ट कैरियर खरीदा था। जो पहले रूसी नौसेना का हिस्सा हुआ करता था।

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