माओवादी का टॉप कमांडर विनय यादव उर्फ मुराद को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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लाइव पलामू न्यूज: आतंक का पर्याय माने जाने वाले माओवादियों का टॉप कमांडर विनय यादव उर्फ मुराद को पुलिस ने औरंगाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि विनय यादव पर झारखंड सरकार ने 15 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। वहीं बिहार में उस पर 5 लाख का इनाम घोषित था। फिलहाल झारखंड और बिहार की पुलिस विनय यादव से पूछताछ कर रही है। मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद के अम्बा थाना क्षेत्र के देउरा निवासी विनय यादव झारखंड बिहार सीमा पर माओवादियों के बड़े कमांडरों में से एक है। उस पर झारखंड और बिहार में 50 से भी अधिक नक्सल घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है।

माओवादियों का स्टेट एरिया कमेटी सदस्य विनय यादव उर्फ मुराद झारखंड बिहार सीमावर्ती क्षेत्र नक्सलियों का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर था। पलामू और औरंगाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में विनय यादव को औरंगाबाद के दाउदनगर के इलाके से गिरफ्तार किया गया है। विनय पिछले तीन दशक से नक्सल संगठन में सक्रिय रहा है। विनय पर झारखंड बिहार में 100 से भी अधिक नक्सल हमलों को अंजाम देने का आरोप है। विनय यादव माओवादियों का मध्यजोन का प्रवक्ता भी था। संदीप की मौत के बाद माओवादी विनय यादव को छकरबंधा का नया कमांडर बनाना चाहते थे।

संदीप यादव की तरह ही विनय यादव का झारखंड बिहार सीमावर्ती क्षेत्रों में खास जाति वर्ग पर पकड़ थी। सुरक्षा एजेंसियों की माने तो विनय यादव उर्फ मुराद अपने साथ एके-56 लेकर चला करता था। विनय यादव पर पलामू लातेहार गढ़वा चतरा और बिहार के औरंगाबाद, गया में 100 से भी अधिक नक्सल हमले को अंजाम देने का आरोप है। 2015-16 में बिहार के गया औरंगाबाद और पलामू सीमा पर कोबरा के जवानों पर हमला हुआ था। इस हमले में कोबरा के 10 जवान शहीद हुए थे। माओवादी 2005 के बाद झारखंड बिहार सीमावर्ती इलाके में जितनी भी बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है, उस हमले में विनय यादव शामिल था। बता दें कि विनय यादव की संपत्ति को ईडी पहले ही जब्त कर चुकी है।

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