बिहार स्थित शक्तिपीठों की लिस्ट, नवरात्रि में कर सकते हैं मां के दर्शन

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लाइव पलामू न्यूज: जल्द ही शारदीय नवरात्र की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में बहुत से लोग नवरात्र का व्रत करते हैं। कुछ माता के शक्तिपीठ या अन्य मंदिरों में उनके दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसी क्रम में हम लाएं हैं बिहार स्थित शक्तिपीठों की लिस्ट:-

बड़ी पटनदेवी : पटना के महाराजगंज स्थित बड़ी पटनदेवी महत्त्वपूर्ण शक्तिपीठों में से एक है। कहा जाता है कि यहां मां सती के शरीर का दाहिना जंघा गिरा था।

छोटी पटनदेवी : पटना के हाजीगंज क्षेत्र में छोटी पटनदेवी मंदिर स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां देवी सती का पट और वस्त्र गिरा था।

शीतला मंदिर : यह मंदिर बिहारशरीफ से पश्चिम एकंगरसराय पथ पर मघरा गांव में स्थित हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सती के हाथ का कंगन गिरा था।

माँ मंगला गौरी मंदिर : यह मंदिर गया-बोध गया मार्ग के भस्मकुट पर्वत पर स्थित हैं। ऐसा कहा जाता है की यहां देवी सती का स्तन गिरा था।

उग्रतारा मंदिर : सहरसा से महज 17 किमी दूर उग्रतारा मंदिर शक्तिपीठ है। यहां देवी सती की बायीं आँख गिरी थी।

धीमेश्वर स्थान : पूर्णिया से पश्चिम बनमंखी प्रखंड के धीमेश्वर स्थान स्थित छिन्नमस्ता देवी का मंदिर प्राचीन धार्मिक स्थल है। इसे भी शक्तिपीठ में गिना जाता हैं।

चामुंडा मंदिर: नवादा-रोह-कौआकोल मार्ग पर रुपौ गांव में स्थित चामुंडा मंदिर प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। यहां सती का सिर गिरा था।

माँ ताराचंडी : सासाराम से महज 6 किमी कि दूरी पर कैमूर पहाड़ी की गुफा में ताराचंडी माँ का मंदिर है। इसे भी शक्तिपीठों में गिना जाता हैं।

माँ चण्डिका देवी : यह मंदिर मुंगेर ज़िले में गंगा तट पर स्थित हैं। ऐसा कहा जाता हैं की इस स्थल पर माता सती की दांया आँख गिरी थी।

अंबिका भवानी : यह मंदिर छपरा- पटना मुख्य मार्ग पर स्थित हैं। इसे भी शक्तिपीठ में गिना जाता हैं।

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