प्रेमचंद जयंती समारोह के अवसर पर इप्टा ने कहानी पाठ व चर्चा का किया आयोजन

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मेदिनीनगर : इप्टा, प्रगतिशील लेखक संघ, जसम, भारत ज्ञान विज्ञान समिति व अदबी संसार के द्वारा आयोजित प्रेमचंद जयंती समारोह के तहत जयंती की पूर्व संध्या पर कहानी पाठ व चर्चा का आयोजन डाल्टनगंज स्थित अंबेडकर छात्रावास में किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में इप्टा के कलाकारों ने 2 जनवादी गीत ” रात कटेगी कैसे बोलो घर में रोटी दाल नहीं ” तथा ” झूठ से टक्कर लेने को सच्चाई जोश में आई है ” प्रस्तुत किया।

गीतों की प्रस्तुति के बाद हॉस्टल के छात्र घनश्याम कुमार ने प्रेमचंद द्वारा लिखित कफन कहानी का पाठ किया। कहानी पाठ के बाद उपस्थित छात्रों ने सवाल किया कि प्रेमचंद ने कफन कहानी में एक विशेष समुदाय को मुख्य पात्र क्यों बनाया गया है ? क्या इससे उस विशेष समुदाय को बदनाम नहीं किया गया है? छात्रों द्वारा पूछे गए इस सवाल पर चर्चा प्रारंभ हुई। चर्चा के दौरान अखिल भारतीय किसान सभा के केडी सिंह, शहर के युवा चिकित्सक डॉ वीरेंद्र कुमार, अदबी संसार के एमजे अजहर इप्टा के नंदलाल सिंह, शैलेंद्र कुमार व उपेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि कहानी की रचना कालखंड के आधार पर की जाती है।

कहानी में जो पात्र जैसा कहता है उसे उसी प्रकार से लिखा और कहा जाता है। कहानी का पात्र घीसू और माधव उस जमाने में ब्राह्मणवाद की मुखालफत कर रहे हैं। साथ ही श्रम से जुड़े समुदाय के साथ हो रहे अन्याय को भी उजागर करते हैं। प्रेमचंद की तमाम कहानियां श्रम से जुड़े समुदाय का सम्मान करती है और उस समुदाय के अंतर्विरोध को भी उजागर करता है। जरूरत इस बात की है कि किसी कहानी को पढ़ें तो आदमी होकर पढ़ा जाए। संपूर्णता में देखा जाए तो प्रेमचंद अपनी कहानी के माध्यम से समाज के विद्रूपताओं के विरुद्ध लड़ने वाले महान योद्धा थे।


मौके पर शब्बीर अहमद, गौतम कुमार, निषाद खान, दानिश, विकास कुमार, समरेश सिंह, अजीत ठाकुर, संजीत दुबे, रवि शंकर, विजय कुमार, रामकुमार, धर्मेंद्र रवि, राजबली रवि, सुधीर कुमार रवि, सोनू कुमार, यशवंत कुमार, लालचंद, अमर कुमार व विवेक कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जसम के दिव्य भगत और धन्यवाद ज्ञापन इप्टा के प्रेम प्रकाश ने किया।

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