लेस्टर व बर्मिंघम में हिंदुओं पर हो रहे हमले पर भारतीय उच्चायोग सख्त

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लाइव पलामू न्यूज: लेस्टर और बर्मिंघम में हिंदुओं पर हो रही हिंसाओं के बीच गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिये भारतीय उच्चायोग ब्रिटेन के सम्पर्क में है। गौरतलब है कि सोमवार को एक बयान में भारतीय उच्चायोग ने कहा था कि उसने इस मुद्दे को ”पुरजोर तरीके से” उठाया है और शहर में सप्ताहांत में झड़पों की खबरों के बाद ब्रिटेन के अधिकारियों से प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षा का आह्वान किया है। वहीं, मामले में ब्रिटेन की पुलिस ने कहा था कि, ”हम लेस्टर में हिंसा, अव्यवस्था या अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम शांति और बातचीत का आह्वान करना जारी रखेंगे।”

इस मामले में विदेश मंत्रालय प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ”हमारा उच्चायोग, ब्रिटिश पक्ष से सम्पर्क में हैं। हम राजनयिक एवं सुरक्षा अधिकारियों के सम्पर्क में हैं, ताकि आगे ऐसे हमलों को रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।”

बागची ने कहा कि न्यूयार्क में अपने ब्रिटिश समकक्ष जेम्स क्लेवरली के साथ बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुद्दे को उठाते हुए वहां के भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताओं से क्लेवरली को अवगत कराया था।


क्या है मामला:-
28 अगस्त को भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर पूर्वी ब्रिटेन के लेस्टर शहर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय आपस में भिड़ गए थे। जिसके परिणामस्वरूप पिछले कुछ हफ्तों में 47 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई। एक-दूसरे पर हमला करते दोनों पक्षों के युवाओं को रोकने के दौरान 16 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थें। इस घटना में सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। वहीं बर्मिंघम में एक दुर्गा मंदिर के बाहर उपद्रव की घटना घटी। जहां भारत की साध्वी ऋतंभरा को एक कार्यक्रम में प्रवचन देना था। पहले से तय इस कार्यक्रम का विरोध करने के लिए दुर्गा मंदिर के बाहर 200 से अधिक लोग इकट्ठा थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि साध्वी ऋतंभरा मुस्लिम विरोधी हैं और अयोध्या की बाबरी मस्जिद को गिराने में उनका हाथ है। प्रदर्शनकारियों ने यह तर्क देकर हुए साध्वी ऋतंभरा के मंदिर पहुंचने का विरोध किया। जिसके बाद खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था।

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