अगस्त क्रांति में पलामू के पांच भ्राता युगलों ने दिखाया था शौर्य, ‘करो या मरो’ नारा लगाते गए थे जेल (पार्ट -2)

LIVE PALAMU NEWS
वरिष्ठ पत्रकार प्रभात मिश्रा
लेखक वरिष्ठ पत्रकार प्रभात मिश्रा अमर उजाला
यदुवंश सहाय-उमेश्वरी चरण
लाइव पलामू न्यूज़: आंदोलन के शुरू होने से पहले ही छह अगस्त को यदुवंश सहाय को अंग्रेजों ने उनके जेलहाता स्थित आवास से तब गिरफ्तार कर लिया था जब वे किसानों की सभा में जाने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले भी वे कई बार जेल जा चुके थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले डालटनगंज और बाद में हजारीबाग जेल में रखा गया। 1946 में हुए चुनाव में वे दक्षिण पश्चिम पलामू साधारण क्षेत्र से विधायक चुने गए। संविधान सभा के सदस्य रहे और महात्मा गांधी के साथ नोआखली में हुए दंगे के बाद गांव-गांव घूमे थे। संविधान की पांचवीं अनुसूची और सरायकेला-खरसांवा को बिहार में रखने को लेकर उन्होंने संविधान सभा में विचार व्यक्त किया था।

26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू होने के एक महीने बाद उनका एक सड़क हादसे में निधन हो गया। उमेश्वरी चरण अपने बड़े भाई से काफी प्रभावित थे। उन्हीं की तरह देश प्रेम की भावना उनमें भी भरी थी। वह राजेंद्र प्रसाद से प्रभावित होकर मैट्रिक की पढ़ाई छोड़कर आजादी के आंदोलन में कूद पड़े थे। इनकी गिरफ्तारी औरंगाबाद के पास हुई थी और इन्हें भी हजारीबाग जेल में रखा गया था। इन दोनों भाइयों की निकटता राजेंद्र बाबू, जयप्रकाश नारायण और रामबृक्ष बेनीपुरी से थी। इन्हें लल्लू बाबू के नाम से जाना जाता था और ये 1957 में डालटनगंज के विधायक चुने गए थे। इनका निधन निधन 19 मई 1984 को हुआ था


अगले अंक में गणेश प्रसाद वर्मा और नंद किशोर प्रशाद वर्मा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!