पत्नी का भरण-पोषण करना पति की कानूनन जिम्मेदारी: HC

LIVE PALAMU NEWS

लाइव पलामू न्यूज: एक वैवाहिक विवाद पर फैसला देते हुए पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट ने कहा कि पत्नी को उसी लिविंग स्टैंडर्ड में रहने का पूरा अधिकार है, जिस लिविंग स्टैंडर्ड में वो अपने पति के साथ रह रही थी। दरअसल, एक याचिकाकर्ता पति ने हाईकोर्ट से फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें उसे पत्नी को हर महीने 3000 रुपये का गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया था।
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्षों (पति-पत्नी) के बीच रिश्ते में किसी तरह का कोई विवाद नहीं है। याचिकाकर्ता पति ने न तो कभी पत्नी की उपेक्षा की और न ही उसे कभी साथ रखने से इनकार किया। ऐसे में पति किसी भी मासिक गुजारे भत्ते को पत्नी को देने के लिए उत्तरदायी नहीं हो सकता। कोर्ट के सामने वकील ने यह भी तर्क दिया गया कि पत्नी ने बिना किसी कारण पति को छोड़ा है। ऐसे में फैमिली कोर्ट का यह फैसला कि हर महीने पत्नी को 3000 रुपये गुजारे भत्ते के तौर पर दिया जाए कानून की नजर में अस्थिर है। इसलिए इसे रद्द किया जाए।


क्या है मामला:-


याचिकाकर्ता(पति) और प्रतिवादी (पत्नी) ने साल 2017 में शादी की थी। दहेज़ नहीं लाने के कारण महिला का पति और उसका परिवार महिला के साथ बुरा बर्ताव किया करता था और महिला को मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। महिला का पति और ससुराल वाले उसे अपने मायके से 50,000 रुपये की रकम लाने के लिए भी मजबूर किया करते थें। ताकि उनके ब्यूटी पार्लर के व्यवसाय को बढ़ाया जा सके। जिसके बाद 17 जुलाई 2018 को पति और उसके परिवार ने महिला की पिटाई की और उसे घर से बाहर कर दिया। कोर्ट ने यह पाया कि पति हर तरीके से काम करने में सक्षम है। इसलिए पत्नी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी पति की जिम्मेदारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!