पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी के बिगड़े बोल, योगी की जीत को बताया सांप्रदायिकता की जीत

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लाइव पलामू न्यूज: भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि योगी की जीत मतलब की साप्रंदायिकता की जीत। लव जिहाद केवल एक प्रोपेगैंडा है जिससे कि मुस्लिम लड़कियां ही सबसे अधिक नुकसान में हैं। मुस्लिम लड़कियों की नजर से देखने पर पाएंगे कि पढ़ी -लिखी हिंदू लड़कियां पढे़- लिखे मुस्लिम लड़कों को ले उड़ती हैं।

उन्होंने कहा कि अगले 1000 सालों तक मुस्लिमों की जनसंख्या में तेजी से बढ्ढोत्तरी होने की संभावना नहीं है। मुस्लिमों में परिवार नियोजन कम है लेकिन इसका संबंध मजहब से बिल्कुल नहीं है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि मुस्लिम जनसंख्या बढ़ने पर उन्होंने प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देखा था लेकिन अगले 1000 सालों तक यह संभव होता नहीं दिख रहा। वहीं मुस्लिम के चार निकाह के संबंध में उन्होंने कहा कि पुरुष महिला लिंगानुपात का रेशियो 1000/920-22 है ऐसे में एक पुरूष को एक महिला मिलनी मुश्किल है। इस स्थिति में कोई पुरुष चार शादी कैसे कर सकता है। कुरान में भी सिर्फ एक आयत में बेवा और यतीम औरतों से विवाह का जिक्र है।

उन्होंने योगी की जीत पर कहा कि देश ध्रुवीकरण के युग में जी रहा है। योगी की जीत सांप्रदायिकता की जीत है। उन्होंने आगे कहा कि पहली बार देश में ध्रुवीकरण बंटवारे के वक्त हुआ। अब दूसरी बार बाबरी मस्जिद कांड के दौरान और तीसरा फेज अब चल रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं का स्वभाव सेक्युलर है लेकिन जनता को सांप्रदायिकता की ओर तेजी से ढ़केला जा रहा है। हिजाब विवाद पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि हिजाब बेशक कुरान का हिस्सा नहीं है लेकिन कुरान में शालीन कपडे़ पहनने की बात कही गई है।

कुरैशी ने कहा कि अगर यूनिफॉर्म में अगर पगड़ी और सिंदूर की इजाजत है तो फिर हिजाब से क्या दिक्कत है। हिजाब के संबंध में मौलाना बताएंगे जज साहब नहीं। इवीएम के मसले पर उन्होंने कहा कि इवीएम हमेशा से भरोसेमंद रहा है। अगर ईवीएम में गड़बड़ी होती तो बंगाल में भाजपा चुनाव नहीं हारती।

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