नेतरहाट फील्ड फायरिंग को रद्द कराने की मांग लेकर प्रदर्शनकारियों ने किया समाहरणालय परिसर के समक्ष प्रदर्शन

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लाइव पलामू न्यूज/मेदिनीनगर: केन्द्रीय जनसंघर्ष समिति ने बुधवार को नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को रद्द कराने के लिए लातेहार जिला मुख्यालय में समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया और समाहरणालय के मुख्य द्वार को जाम कर दिया। पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि बाद में विधायक वैद्यनाथ राम ने प्रदर्शनकारियों से बात कर इस दिशा में सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया जिसके बाद हंगामा शांत हुआ। इसके बाद आंदोलनकारियों ने फायरिंग रेंज की अवधि न बढ़ाकर अधिसूचना को रद्द करने से संबंधित मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन स्थानीय अधिकारियों को सौंपा। मौके पर एसडीपीओ संतोष मिश्रा, बीडीओ मेघनाथ उरांव, थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता उपस्थित थें। वहीं कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष मुनेश्वर उरांव ने भी नेतरहाट रेंज के विरोध को अपना समर्थन दिया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन बिहार सरकार द्वारा 1999 में जारी अधिसूचना को रद्द करने की मांग की। इस अधिसूचना के अनुसार नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज को 11 मई 2022 तक अवधि विस्तार दिया गया था। समिति के केन्द्रीय सचिव जेरोम जेराल्ड कुजूर ने बताया कि विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार सेना द्वारा नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के अवधि विस्तार 2042 तक बढ़ाने हेतु प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा गया है। इसलिए हमारी मांग है कि फायरिंग रेंज की अवधि न बढ़ाते हुए अधिसूचना को रद्द कर दिया जाए। कुजूर ने कहा कि यह पूरा इलाका भारतीय संविधान के पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और यहाँ पेसा एक्ट 1996 भी लागू है जिस कारण ग्राम सभाओं को अपने क्षेत्र के सामुदायिक संसाधन – जंगल, ज़मीन, नदी-नाले और अपने विकास के बारे में हर तरह के निर्णय लेने का अधिकार है। प्रभावित क्षेत्र की ग्रामसभा ने ग्रामसभा कर अपनी ज़मीन नहीं देने का निर्णय लिया है। हमलोग पांचवी अनुसूची क्षेत्र में ग्रामसभाओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि विगत 28 सालों से नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द कराने के लिए केन्द्रीय जनसंघर्ष समिति आंदोलनरत है।

एकीकृत बिहार के समय में 1954 में मैनूवर्स फील्ड फायरिंग आर्टिलरी प्रैटिक्स एक्ट, 1938 की धारा 9 के तहत नेतरहाट पठार के 7 राजस्व ग्राम को तोपाभ्यास (तोप से गोले दागने का अभ्यास) के लिए अधिसूचित किया गया था। 1991 और 1992 में तत्कालीन बिहार सरकार ने नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के लिए अधिसुचना जारी की जिसमें उन्होंने अवधि का विस्तार करते हुए इसकी अवधि 1992 से 2002 तक कर दी। इस अधिसूचना के तहत केवल अवधि का ही विस्तार नहीं किया बल्कि क्षेत्र का विस्तार करते हुए 7 गाँव से बढ़ाकर 245 गाँव को भी अधिसूचित किया गया। बाद में 1991 व 1992 की अधिसूचना के समाप्त होने के पूर्व ही तत्कालीन बिहार सरकार ने 1999 में अधिसूचना जारी कर 1991-92 की अधिसूचना की अवधि का विस्तार कर दिया, जिसके आधार पर ये क्षेत्र 11 मई 2022 तक प्रभावित है। इसी को लेकर केंद्रीय जनसंघर्ष समिति आंद़ोलनरत है। ताकि फिर से अवधि विस्तार न हो।

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