121 वर्षों बाद मार्च का महीना रहा इतना गर्म, हो जाएं तैयार अभी और तपाएगी गर्मी

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लाइव पलामू न्यूज: इस बार मार्च की गर्मी ने ही लोगों को हलकान कर दिया। इससे पहले 1901 में मार्च का महीना इतना गर्म रहा था। अभी सूर्यदेव अपनी तपिश से सबको जला रहे हैं। लोगों के मन में एक तरह का भय है कि अभी से इतनी तपिश है तो जेठ के महीने में हालात क्या होगा?? उत्तर भारत में दिनोंदिन पारा चढ़ रहा है। कई राज्यों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने गुजरात, जम्मू, विदर्भ और हिमाचल प्रदेश में लू की संभावना व्यक्त की है।

मौसम विभाग के अनुसार आज दिल्ली का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री और अधिकत्तम 39 डिग्री रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में असम, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश में हल्की, मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार, पूर्वोत्तर भारत, लक्षद्वीप, दक्षिण तटीय कर्नाटक, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल आदि जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस असामान्य गर्मी के लिए मौसम विभाग ने उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और दक्षिण भारत में हुई कम बारिश को जिम्मेदार माना है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बढ़ती गर्मी का एक कारण ग्लोबल वार्मिंग भी है। इस बार मार्च में ही दो बार लू चली। मौसम में कोई बदलाव न होते हुए आगे और भी तापमान बढ़ेगा। इसके अलावे लू भी चलेगा। इस वर्ष मार्च में पूरे देश का औसत तापमान न्यूनतम 20.24 डिग्री और अधिकत्तम 33.10 डिग्री रहा। सन् 1901 के 121 वर्षों बाद यह दूसरा मार्च है जो इतना गर्म रहा है। मौसम विभाग के अनुसार एंटी- साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से पश्चिम से उत्तर, मध्य भारत में गर्मी बढ़ रही है। लोगों को अब सावधान रहने की आवश्यकता है।

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