अस्तित्व संकट से जूझ रहे एवं दुसरे के घर में रह रहे आदिम जनजाति परिवार के प्रति उपायुक्त अबु इमरान हुए गंभीर

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झोपड़ी जला तो रहने के लिए मनरेगा योजना से बनवा दिया शेड

लातेहार: अस्तित्व संकट से जूझ रहे आदिम जनजाति परिवारों के समस्या के समाधान के प्रति उपायुक्त अबु इमरान गंभीर हैं. कामता पंचायत के ग्राम चटुआग के परहैया टोला में  वृद्ध दुखन परहैया अपनी पत्नी संग लकड़ी और बांस की झोपड़ी बनाकर दशकों से रह रहे थे. वन  में लगी आग के कारण उसका झोपड़ी का जलकर खाक हो गयी. इस अगलगी में उसकी वृद्ध बीमार पत्नी जलने से बची थी लेकिन उसका आधार कार्ड और वृद्धा पेंशन की पासबुक जलकर राख हो गया था. यह वृद्ध दम्पति टोकरी और सूप बनाकर जीवन यापन करता है. लकड़ी और बांस से बना घर आग की भेंट चढ़ जाने के कारण दुखन और उसका परिवार खुले आसमान  के नीचे रहने पर विवश हो गया था.

सामाजिक कार्यकर्ता सह माकपा नेता अयुब खान ने इस बारे में उपायुक्त लातेहार अबु इमरान को अवगत कराया था एवं उनसे इस परिवार को रहने के लिए आवास व अन्य मदद प्रदान करने की अपील किया था. उपायुक्त ने इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उसे पड़ोस के घर पर रहने के लिए शिफ्ट करवा दिया था और उनके रहने के लिए तत्काल शेड बनाने का निर्देश बीडीओ को दिया था. उपायुक्त के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने दुखन परहैया के परिवार के लिए शेड बनवा दिया. दुखन परहैया का परिवार अब उस शेड में रह रहा है. उपायुक्त लातेहार के पहल से दुखन परहैया को रहने के लिए छत मिला. इसके लिए दसवा परहिया, सनिका मुंडा, बीनोद परहैया, रंगवा परहैया, बिफैया परहैया, सुलेंन्द्र परहैया, बुधराम बारला, बोने मुंडा, रतिया नगेसिया, राजकुमार परहैया ने उपायुक्त लातेहार को साधुवाद दिया.

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